सुखना वन्यजीव अभयारण्य

सुखना वन्यजीव अभयारण्य: हाल ही में, पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (SC) में एक हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया कि सुखना वन्यजीव अभयारण्य के चारों ओर पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र (Eco Sensitive Zone - ESZ) नयागांव नगर पालिका समिति के लिए 1 से 3 किमी के स्थान पर 100 मीटर ही रहेगा।

  • सुखना वन्यजीव अभयारण्य के बारे में: यह चंडीगढ़ में स्थित एक संरक्षित क्षेत्र है, जो सुखना झील के निकट, शिवालिक पर्वत श्रृंखला की तलहटी में स्थित है।
  • इतिहास: यह झील 1958 में ले कॉर्बूजिए द्वारा सुखना चो (Shukhna Choe) नामक एक मौसमी धारा को शिवालिक की पहाड़ियों से मोड़कर निर्मित की गई थी।

o झील के चारों ओर मृदा संरक्षण हेतु वनरोपण के माध्यम से अभयारण्य का विकास किया गया था। यह 1998 में स्थापित हुआ और 2600 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है।

  • भूगोल: अस्थिर स्थलाकृति, वर्षा के दौरान मृदा अपरदन की प्रवृत्ति, तथा कुछ क्षेत्रों में मिट्टी में चिकनी मिट्टी की परतों सहित शिवालिक की रेतीली मिट्टी पाई जाती है।
  • सुखना झील के अतिरिक्त, इस अभयारण्य में लगभग 150 जल निकाय हैं जो इसके जलग्रहण क्षेत्र का निर्माण करते हैं।
  • वनस्पति (Flora): इसमें खैर, फुलाही, कीकर, शीशम, मूंज, अमलतास, झिंगन, आँवला, रटजोत और वासा जैसे प्रजातियाँ शामिल हैं।
  • प्राणिजगत (Fauna): स्तनधारी (Mammals): गिलहरी, साधारण नेवला, भारतीय खरगोश, साही, जंगली बिल्ली, सियार और जंगली सूअर और पक्षी: मोर, पहाड़ी मैना, जंगल कौवा, काला ड्रोंगो, तोते और कबूतर। यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों को भी आकर्षित करता है।