वरुण अभ्यास 2025

वरुण अभ्यास 2025: यह भारत-फ्रांस द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास का 23वां संस्करण था, जो 19-22 मार्च, 2025 तक अरब सागर में आयोजित किया गया था।

  • वरुण अभ्यास के बारे में: यह भारत और फ्रांस के बीच एक द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जो पहली बार 1993 में शुरू किया गया था।
  • प्रमुख उद्देश्य: युद्ध क्षमता को बढ़ाना → संयुक्त सामरिक समन्वय को सुदृढ़ करना → समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना।
  • वरुण अभ्यास 2025 की मुख्य विशेषताएं:
  • विमान वाहक परिचालन: INS विक्रांत (भारत) और चार्ल्स डी गॉल (फ्रांस) ने संयुक्त वाहक युद्ध समूह परिचालन में भाग लिया।

o भारतीय नौसेना ने फ्रांसीसी राफेल-M फाइटर जेट्स का बारीकी से निरीक्षण किया, जिन्हें भारत जल्द ही प्राप्त करने जा रहा है।

  • वायु युद्ध अभ्यास: उन्नत वायु रक्षा और काल्पनिक हवाई युद्ध परिदृश्य का अभ्यास किया गया, जिसमें फ्रांसीसी राफेल-M और भारतीय मिग-29K लड़ाकू विमान शामिल थे।
  • पनडुब्बी-रोधी युद्ध (ASW) अभ्यास: भारतीय स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों ने आक्रामक की भूमिका निभाई, जबकि फ्रांसीसी और भारतीय युद्धपोतों ने फ्रांसीसी टैंकर जैक्स शेवेलियर जैसे उच्च-मूल्य वाली संपत्तियों की सुरक्षा की।

o इस अभ्यास में अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस और ASW रणनीति का परीक्षण किया गया।

  • सतही युद्ध संचालन: नौसेना बेड़ों ने समन्वित रूप से संलग्नता और युद्धाभ्यास किए, और समुद्री गश्ती विमानों ने स्थिति की समझ को बेहतर बनाया।
  • लॉजिस्टिक सहयोग: समुद्र में पुनः पूर्ति (Replenishment-at-sea) अभ्यासों ने आपूर्ति श्रृंखला की आपसी कार्यक्षमता (interoperability) को बेहतर किया।
  • अन्य भारत-फ्रांस सैन्य अभ्यास: FRINJEX (सेना का संयुक्त अभ्यास) और GARUDA (वायु सेना अभ्यास)।