राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC)

राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC): हाल ही में, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में NJAC अधिनियम को असंवैधानिक घोषित न किया होता, तो न्यायिक नियुक्तियाँ भिन्न होतीं।

  • कोलेजियम प्रणाली के बारे में: यह प्रणाली प्रथम, द्वितीय और तृतीय न्यायाधीश मामलों के माध्यम से विकसित हुई।

o सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 124(2) और 217(1) की व्याख्या करते हुए न्यायिक नियुक्तियों में न्यायपालिका को प्राथमिकता दी।

o सुप्रीम कोर्ट का कोलेजियम मुख्य न्यायाधीश (CJI) और चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों से मिलकर बनता है।

o उच्च न्यायालय का कोलेजियम मुख्य न्यायाधीश (CJI) और उस न्यायालय के दो वरिष्ठतम न्यायाधीशों से मिलकर बनता है।।

  • NJAC का प्रवर्तन: संविधान (99वां संशोधन) अधिनियम, 2014 और NJAC अधिनियम, 2014 ने कोलेजियम प्रणाली को प्रतिस्थापित कर दिया। यह लोकसभा (367-0) और राज्यसभा (179-1) द्वारा पारित हुआ, 16 राज्यों द्वारा अनुसमर्थित किया गया और राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त की।
  • NJAC की संरचना: मुख्य न्यायाधीश (CJI) पदेन अध्यक्ष → दो वरिष्ठतम सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पदेन सदस्य → केंद्रीय विधि मंत्री पदेन सदस्य → नागरिक समाज से दो प्रतिष्ठित व्यक्ति, जिन्हें प्रधानमंत्री, CJI और विपक्ष के नेता की समिति द्वारा नामित किया जाएगा → इनमें से एक व्यक्ति अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यकों या महिलाओं में से होगा।